2026 के अंत में दस्तक देगी टाटा की पहली फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी, जानिए कीमत और खासियतें
नई दिल्ली: देश की जानी-मानी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार को लेकर पूरी तरह से तैयार है। कंपनी का कहना है कि यह अनोखी गाड़ी साल 2026 के अंत तक या फिर 2027 की शुरुआत में सड़कों पर उतर सकती है। यह जानकारी टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल्स के बड़े अधिकारी ने एक मीडिया बातचीत में दी।
क्या होती है फ्लेक्स फ्यूल कार?
आसान भाषा में समझें तो फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी एक ऐसी कार होती है जो सिर्फ पेट्रोल पर ही नहीं, बल्कि एथेनॉल (गन्ने से बनी शराब) की अधिक मात्रा वाले ईंधन पर भी चल सकती है। आमतौर पर गाड़ियां 10 या 20 प्रतिशत एथेनॉल वाले पेट्रोल पर चलती हैं। लेकिन टाटा की यह नई फ्लेक्स फ्यूल कार E85 (85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल) और E100 (सिर्फ एथेनॉल) जैसे ईंधन को भी आसानी से पचा लेगी।
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अभी कहां है तैयारी?
तकनीक के मामले में टाटा मोटर्स पहले से ही पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, “हम तैयार हैं, बस सरकार की तरफ से नियमों को अंतिम रूप दिए जाने का इंतजार है। इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत तक हमारा एक फ्लेक्स फ्यूल उत्पाद बिल्कुल तैयार हो जाएगा।”
आपको बता दें कि भारत सरकार भी तेजी से एथेनॉल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। हाल ही में सरकार ने E85 और E100 जैसे ईंधनों को औपचारिक रूप से वाहनों में इस्तेमाल करने के लिए नियमों में सुधार का प्रस्ताव रखा है। यानी जल्द ही फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए पूरा कानूनी ढांचा तैयार हो जाएगा।
कौन सी होगी टाटा की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर टाटा की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार कौन सी होगी? कंपनी के दूसरे बड़े अधिकारी मोहन सावरकर पहले ही संकेत दे चुके हैं। उनके मुताबिक, टाटा पंच (Tata Punch) ही वह गाड़ी हो सकती है जो फ्लेक्स फ्यूल अवतार में सबसे पहले आएगी। आपको याद दिला दें कि भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में टाटा मोटर्स ने टाटा पंच का फ्लेक्स फ्यूल वर्जन दिखाया भी था।
उस मौके पर कंपनी ने इस छोटी और मजबूत कार को चार अलग-अलग तरह के इंजनों (पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स फ्यूल) के साथ पेश किया था। फिलहाल तो बाजार में टाटा पंच पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वर्जन में मिल रही है। इस लिस्ट में जल्द ही फ्लेक्स फ्यूल विकल्प भी शामिल हो जाएगा।
कैसे काम करेगी फ्लेक्स फ्यूल टाटा पंच?
फ्लेक्स फ्यूल टाटा पंच के अंदर वही पुराना 1.2 लीटर का तीन-सिलेंडर वाला पेट्रोल इंजन होगा, जो मौजूदा मॉडल में मिलता है। लेकिन कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। जैसे कि:
इंजन का दिमाग (ECU): इसे बेहद समझदार बनाया गया है। यह खुद ही पहचान लेता है कि टंकी में कितने प्रतिशत एथेनॉल वाला ईंधन भरा है।
फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम: इसमें बदलाव करके इसे एथेनॉल के लिहाज से ज्यादा मजबूत बनाया गया है क्योंकि एथेनॉल पेट्रोल से ज्यादा खुरदुरा होता है।
एग्जॉस्ट सिस्टम: धुएं को साफ करने वाले सिस्टम (एग्जॉस्ट आफ्टर-ट्रीटमेंट) में भी फेरबदल किया गया है ताकि एथेनॉल जलने से बनने वाले उत्सर्जन को बेहतर तरीके से साफ किया जा सके।
इन बदलावों की वजह से यह फ्लेक्स फ्यूल कार बिना किसी अटके या परेशानी के अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर दौड़ सकेगी।
क्यों जरूरी है फ्लेक्स फ्यूल कार का आना?
भारत जैसे देश में, जहां गन्ना और मक्का जैसी फसलों से भरपूर एथेनॉल बनाया जा सकता है, फ्लेक्स फ्यूल कार का बहुत बड़ा महत्व है। इसके आने से कई फायदे होंगे:
पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी: अगर गाड़ियां एथेनॉल पर ज्यादा दौड़ेंगी, तो हर साल पेट्रोल के आयात पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बच सकते हैं।
किसानों की कमाई बढ़ेगी: एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने और अनाज की जरूरत होगी, जिससे देश के किसान भाइयों को फायदा होगा।
प्रदूषण कम होगा: एथेनॉल स्वच्छ ईंधन है। इसके उपयोग से पेट्रोल की तुलना में कम हानिकारक गैसें निकलती हैं।
टाटा मोटर्स पहले ही अपने सभी मौजूदा मॉडलों को E20 (20% एथेनॉल वाला पेट्रोल) के अनुकूल बना चुकी है। अब कंपनी एक कदम और आगे बढ़ते हुए E85 ईंधन पर चलने वाली टाटा की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार लाने जा रही है।
क्या हो सकती है कीमत?
कीमतों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी की वजह से इसमें इंजन से जुड़े कुछ पार्ट्स महंगे होंगे, जैसे मजबूत फ्यूल इंजेक्टर और अलग तरह के सेंसर। इसलिए सामान्य पेट्रोल वाली टाटा पंच से यह फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी थोड़ी महंगी हो सकती है। हालांकि, एक बार जब यह तकनीक आम हो जाएगी, तो कीमतें धीरे-धीरे नीचे आ जाएंगी।
टाटा की मल्टी-पावरट्रेन रणनीति
टाटा मोटर्स इन दिनों ‘मल्टी-पावरट्रेन’ की रणनीति पर काम कर रही है। मतलब, कंपनी हर ग्राहक की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग तरह के इंजन वाली गाड़ियां बना रही है। फिलहाल टाटा के पास पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का पूरा सेट है। अब इस सेट में फ्लेक्स फ्यूल कार का इजाफा होने जा रहा है, जो कंपनी के दम को और भी मजबूत करेगा।
खास बात यह है कि यह फ्लेक्स फ्यूल तकनीक शहरों के अलावा गांव-देहात में ज्यादा कारगर साबित होगी, क्योंकि वहां एथेनॉल पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने में कम खर्चा आता है। यह टाटा मोटर्स का एक बड़ा और भविष्य की ओर देखता कदम है।
कब आ सकती है लॉन्च की घोषणा?
तकनीकी रूप से तो कंपनी अभी से सौ फीसदी तैयार है। अब देर सिर्फ सरकारी नियमों को अंतिम रूप देने में है। जैसे ही सरकार E85 और E100 ईंधन के इस्तेमाल को पूरी तरह से मंजूरी देकर इसके लिए नियम तय कर देगी, टाटा की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार तुरंत लॉन्च की जा सकती है। सबसे अच्छा अनुमान यही है कि साल 2026 के अंत के आसपास इसकी पहली झलक दिख सकती है।
जिन्हें भी पर्यावरण की चिंता है और जो पेट्रोल के बढ़ते दाम से परेशान हैं, उनके लिए यह फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। टाटा पंच का मजबूत बॉडी शेल (5-स्टार सेफ्टी रेटिंग) और ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस इसे भारतीय हालात के लिए और भी उपयुक्त बनाता है।
बस अब सरकारी अधिसूचना और टाटा मोटर्स की आधिकारिक तारीख की घोषणा का इंतजार है। इस बीच, जो लोग एथेनॉल से चलने वाली सस्ती और साफ वाहन का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह खबर एक बड़ी सौगात है।




























